बिहार को एक और बड़ी रेल सौगात मिलने वाली है। भारतीय रेलवे ने लंबे समय से लंबित सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन परियोजना पर काम शुरू करने का फैसला किया है। यह नई लाइन न केवल भागलपुर और देवघर के बीच की दूरी कम करेगी, बल्कि देश भर के तीर्थयात्रियों के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा को भी पहले से कहीं अधिक आसान बना देगी।
74.8 किमी लंबी होगी रेल लाइन
प्रस्तावित रेल लाइन की कुल लंबाई 74.8 किमी होगी। यह असरगंज, तारापुर और बेलहर होते हुए कटोरिया पहुँचेगी। इस खंड में प्रस्तावित स्टॉपेज सुल्तानगंज, असरगंज, तारापुर, बेलहर, श्रीनगर और सुवाबथान हैं। कटोरिया को एक जंक्शन स्टेशन के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जो यात्रियों को बांका-जसीडीह रेल लाइन से जोड़ेगा।
लागत: ₹1261 करोड़
नवीनतम अनुमानों के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग ₹1261 करोड़ खर्च होंगे। रेल मंत्रालय का मानना है कि इसके निर्माण से न केवल स्थानीय यात्रा सुगम होगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
दूरियाँ कम होंगी, यात्रा आसान होगी
वर्तमान में, सुल्तानगंज से देवघर पहुँचने के लिए यात्रियों को भागलपुर-बांका-कटोरिया होते हुए लगभग 160 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। नई लाइन के बन जाने से यह दूरी घटकर मात्र 101 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रियों के समय और धन दोनों की बचत होगी।
जलाभिषेक के लिए तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत
श्रावण और भादो के शुरुआती महीनों में लाखों तीर्थयात्री सुल्तानगंज से देवघर गंगाजल लेकर यात्रा करते हैं। नई रेल लाइन चालू होने के बाद, इन तीर्थयात्रियों के लिए एक सीधा और छोटा रास्ता उपलब्ध होगा। इससे यात्रा सुगम होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि क्षेत्रीय विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। नई लाइन असरगंज, तारापुर और बेलहर जैसे शहरों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।







