अमनौर (सारण) अमनौर थाना क्षेत्र के मंदरौली गांव में रविवार की देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव निवासी राजन गुप्ता का इकलौता पुत्र शिवम—जो सात बहनों के बीच परिवार कीउम्मीद था—का शव गांव से करीब 500 मीटर दूर झाड़ी से बरामद किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवम रविवार से ही लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे और पुलिस को भी सूचना दीगई, लेकिन काफी देर तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। देर शाम जब ग्रामीणों ने झाड़ी की ओर संदिग्ध स्थिति देखी, तोमौके पर पहुंचने पर शिवम का शव मिला। शव की हालत देखकर हर कोई सिहर उठा—किशोर का सिर कुचलकर निर्ममहत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
परिवार में मचा कोहराम
शिवम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां का रो–रोकर बुरा हाल है, वहीं सातों बहनें अपनेइकलौते भाई को खोने के सदमे से उबर नहीं पा रही हैं। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम है। परिजनों काकहना है कि शिवम ही परिवार का सहारा और भविष्य की उम्मीद था।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि शिवम के लापता होने की सूचना मिलने के बावजूद अमनौर व सारण पुलिस उसेसकुशल बरामद करने में नाकाम रही। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो शायद यह दर्दनाक अंत टाला जा सकताथा। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जांच में जुटी पुलिस
शव मिलने की सूचना पर अमनौर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिसका कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्धोंकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे की वजह क्या है और इसमें कौन–कौन शामिलहो सकता है।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद मंदरौली गांव सहित आसपास के इलाकों में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी औरकड़ी सजा की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि कानून–व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अबदेखना यह होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस जघन्य हत्या का खुलासा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।






