बखरी (चोरौड़ाना), पूर्वी चंपारण | शिवरात्रि से ठीक दो दिन पहले जिले के चोरौड़ाना प्रखंड के बखरी गांव में उस समय आस्था और कौतूहल का माहौल बन गया जब जेसीबी से जमीन की खुदाई के दौरान एक शिवलिंग निकल आया। शिवलिंग मिलने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में किसी निर्माण कार्य को लेकर जेसीबी से मिट्टी की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान अचानक मशीन किसी ठोस पत्थर जैसी वस्तु से टकराई। जब आसपास की मिट्टी हटाई गई तो वहां से शिवलिंग का ऊपरी हिस्सा दिखाई दिया। इसके बाद काम रोक दिया गया और ग्रामीणों ने पूरे विधि-विधान से शिवलिंग को बाहर निकाला।
शिवलिंग निकलते ही पूरे क्षेत्र में “हर हर महादेव” के जयकारे गूंजने लगे। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, वहीं पुरुषों ने स्थल की साफ-सफाई कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, फूल और प्रसाद चढ़ाया गया। कई श्रद्धालु इसे भगवान शिव का चमत्कार मान रहे हैं, खासकर शिवरात्रि से ठीक पहले इसका मिलना लोगों की आस्था को और मजबूत कर रहा है।
मौके पर मौजूद बुजुर्ग ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान पहले भी धार्मिक महत्व का रहा होगा और संभवतः यहां प्राचीन मंदिर रहा हो, जो समय के साथ मिट्टी में दब गया। हालांकि शिवलिंग कितना पुराना है, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से भी लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे। पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने अस्थायी रूप से पूजा के लिए स्थल को सजाया है और शिवरात्रि के दिन यहां विशेष पूजा और भंडारे की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि पुरातत्व विभाग की टीम बुलाकर इसकी जांच कराई जाए ताकि शिवलिंग की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व का पता चल सके।
फिलहाल बखरी गांव आस्था का केंद्र बन गया है और श्रद्धालुओं का तांता लगातार लगा हुआ है। लोगों का कहना है कि शिवरात्रि से पहले शिवलिंग का मिलना पूरे क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है।











