भारतीय म्यूज़िक इंडस्ट्री में अगर किसी एक नाम ने सबसे बड़ा बदलाव किया तो वह नाम है – गुलशन कुमार। एक साधारणपरिवार में जन्म लेने वाले इस शख्स ने न सिर्फ अपने सपनों को हकीकत में बदला, बल्कि भारत की सबसे बड़ी म्यूज़िक कंपनीटी-सीरीज खड़ी कर दी। उनकी कहानी संघर्ष, मेहनत, आस्था और सफलता का ऐसा संगम है जिसे आज भी बिज़नेस स्कूलोंमें उदाहरण के तौर पर देखा जाता है।
गुलशन कुमार का जन्म 5 मई 1956 को दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता चंद्रभान दुुआ दिल्ली केदरियागंज इलाके में जूस की छोटी दुकान चलाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन सपने बड़े थे।
गुलशन कुमार बचपन से ही मेहनती थे। पढ़ाई के साथ–साथ उन्होंने अपने पिता का हाथ बंटाना शुरू कर दिया। यहीं सेउन्होंने व्यापार की बारीकियां सीखीं – ग्राहक को कैसे संभालना है, कम लागत में ज्यादा फायदा कैसे कमाना है और सबसेजरूरी – बाजार की जरूरत क्या है।
70 और 80 के दशक में म्यूज़िक सुनना आम लोगों के लिए आसान नहीं था। महंगे कैसेट और रिकॉर्ड्स की वजह से यहशौक सिर्फ अमीरों तक सीमित था। गुलशन कुमार ने इसी में अवसर देखा।
उन्होंने सस्ते ऑडियो कैसेट बनाकर बाजार में उतार दिए। इन कैसेट में फिल्मी गाने और भजन होते थे, जिनकी कीमत आमआदमी की पहुंच में थी।
यही वह कदम था जिसने म्यूज़िक इंडस्ट्री का पूरा खेल बदल दिया।
इसके बाद उन्होंने सुपर कैसेट इंडस्ट्रीज़ की स्थापना की, जो आगे चलकर टी-सीरीज के नाम से मशहूर हुई।
गुलशन कुमार खुद मां वैष्णो देवी के परम भक्त थे। उन्होंने भक्ति संगीत को बड़े स्तर पर रिकॉर्ड और रिलीज करना शुरूकिया।
अनूप जलोटा, हरिहरन और कई नए गायकों को मौका मिला।
टी–सीरीज के भजन कैसेट देश के हर मंदिर, हर दुकान और हर घर तक पहुंच गए।
कहना गलत नहीं होगा कि भक्ति संगीत को जन-जन तक पहुंचाने का सबसे बड़ा श्रेय गुलशन कुमार को जाता है।
म्यूज़िक के बाद गुलशन कुमार ने फिल्म निर्माण में कदम रखा।
“आशिकी”, “बेवफा सनम”, “दिल है कि मानता नहीं” जैसी फिल्मों का संगीत सुपरहिट हुआ और टी–सीरीज बॉलीवुड काबड़ा नाम बन गया।
उन्होंने नए कलाकारों को मौका दिया –
कुमार सानू, अनुराधा पौडवाल, सोनू निगम जैसे कई सिंगर्स को आगे बढ़ाने में उनका अहम योगदान रहा।
12 अगस्त 1997 को मुंबई में दिनदहाड़े गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस खबर ने पूरे देश को हिला दिया।
म्यूज़िक इंडस्ट्री ने अपना सबसे बड़ा स्तंभ खो दिया।
उनकी हत्या के पीछे अंडरवर्ल्ड का नाम सामने आया।
यह घटना भारतीय म्यूज़िक और फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक मानी जाती है।
गुलशन कुमार के निधन के बाद उनके बेटे भूषण कुमार ने कम उम्र में ही टी–सीरीज की कमान संभाली।
आज टी–सीरीज सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल और म्यूज़िक लेबल बन चुका है।
भजन से शुरू हुई यह कंपनी आज फिल्म, म्यूज़िक, डिजिटल कंटेंट और इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंच चुकी है।
एक नजर में टी-सीरीज की उपलब्धियां
- भारत की सबसे बड़ी म्यूज़िक कंपनी
- दुनिया का नंबर-1 यूट्यूब चैनल
- हजारों फिल्मों और लाखों गानों का म्यूज़िक लाइब्रेरी
- भक्ति संगीत से लेकर पॉप और फिल्म इंडस्ट्री तक दबदबा
गुलशन कुमार सिर्फ एक बिज़नेसमैन नहीं थे –
वह आम आदमी के सपनों की मिसाल थे।
उन्होंने साबित किया कि
छोटा काम कोई छोटा नहीं होता,
छोटा शहर कोई रुकावट नहीं होता,
और सीमित संसाधन भी बड़ी सफलता को नहीं रोक सकते।
दिल्ली की एक छोटी दुकान से शुरू होकर टी–सीरीज का दुनिया की सबसे बड़ी म्यूज़िक कंपनी बनना – यह सिर्फ एकबिज़नेस स्टोरी नहीं, बल्कि भारतीय उद्यमिता की सबसे प्रेरणादायक गाथाओं में से एक है।
गुलशन कुमार आज भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका बनाया हुआ साम्राज्य और उनकी सोच आज भी हर उस युवा कोप्रेरित करती है जो शून्य से शिखर तक पहुंचने का सपना देखता है।









