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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच केंद्र सरकार सतर्क, राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन देने का फैसला

On: April 7, 2026 3:19 PM
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और देश के कुछ इलाकों से रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी के तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

सामान्य तौर पर सरकारी तेल कंपनियां हर तीन महीने में राज्यों को करीब एक लाख किलोलीटर केरोसिन आवंटित करती हैं। लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए सरकार ने अतिरिक्त मात्रा जारी करने का फैसला किया है ताकि जरूरत पड़ने पर राज्यों के पास पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रहे।

इसके साथ ही कोयला मंत्रालय ने सरकारी कंपनियों कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज कंपनी को निर्देश दिया है कि राज्यों की मांग के अनुसार अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य यह है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य गैर-घरेलू उपभोक्ता गैस के बजाय कोयले का इस्तेमाल ईंधन के रूप में कर सकें।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, लेकिन भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है।

बाद में मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर गैर-आवासीय क्षेत्रों में कोयला, बायोमास और केरोसिन को वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। इससे गैस और अन्य ईंधनों पर दबाव कम किया जा सकेगा।

मंत्री पुरी ने बताया कि सरकार ने गैस की आपूर्ति को प्राथमिक क्षेत्रों की ओर मोड़ने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। इसके तहत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों में गैस की खपत सीमित की गई है ताकि जरूरी क्षेत्रों में पर्याप्त गैस उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न मार्गों से बड़े एलएनजी कार्गो लगातार भारत पहुंच रहे हैं, जिससे अगर अंतरराष्ट्रीय स्थिति लंबे समय तक तनावपूर्ण रहती है तो भी देश में गैस की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सरकार की प्राथमिकता देश के 33 करोड़ से अधिक परिवारों तक रसोई ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी तक का औसत समय करीब 2.5 दिन है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

Dhiraj Kushwaha

My name is Dhiraj Kushwaha, I work as an editor on this website.

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