आज बिहार के सारण जिले के जलालपुर प्रखंड में भोजपुरी के महान लोक कवि और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी Mahendra Misir की जयंती पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने उनकी प्रतिमा और तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि महेंद्र मिश्र केवल एक कवि ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने गीतों और कविताओं के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का काम किया। उनके गीतों में देशभक्ति, सामाजिक समानता और लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि भोजपुरी भाषा और संस्कृति को पहचान दिलाने में महेंद्र मिश्र का योगदान अमूल्य है। उनके लिखे गीत आज भी गांव-गांव में गाए जाते हैं और लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
इस मौके पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्थानीय कलाकारों और विद्यार्थियों ने महेंद्र मिश्र के लिखे लोकगीत और भजन प्रस्तुत किए, जिसे सुनकर पूरा माहौल भोजपुरी संस्कृति से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि महेंद्र मिश्र की स्मृति में और बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि उनकी विरासत और योगदान को देशभर में पहचान मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी लोगों को धन्यवाद दिया और संकल्प लिया कि आने वाले समय में भी महेंद्र मिश्र की जयंती को और भव्य तरीके से मनाया जाएगा।











