बिहार सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। अब राज्य में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना पहले से कहीं आसान और तेज हो गया है। पहले जहां इस प्रमाण पत्र के लिए लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता था और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह पूरा काम महज 24 घंटे में हो जाएगा। सरकार ने पंचायत स्तर पर एक नई व्यवस्था शुरू की है जिससे गांव और कस्बों में रहने वाले लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
बिहार सरकार ने पंचायत स्तर पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और सरल बना दिया है। अब हर पंचायत में एक अधिकृत कर्मचारी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह मृत्यु की सूचना मिलने के 24 घंटे के अंदर प्रमाण पत्र जारी कर दे। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया है जहां आवेदन किया जा सकता है। इस व्यवस्था से न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।
मृत्यु प्रमाण पत्र एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके बिना कई काम अधूरे रह जाते हैं। जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसके परिवार को बैंक खाते, संपत्ति, बीमा, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह प्रमाण पत्र दिखाना होता है। पहले लोगों को इस एक कागज के लिए महीनों भटकना पड़ता था। कई बार तो रिश्वत भी देनी पड़ती थी। अब ऐसा नहीं होगा।
इस नई व्यवस्था के तहत जब किसी की मृत्यु होती है तो परिवार वालों को अपने नजदीकी पंचायत कार्यालय में सूचना देनी होगी। वहां मौजूद अधिकृत कर्मचारी तुरंत ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन दर्ज करेगा। जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद 24 घंटे के अंदर डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। इसे ऑनलाइन डाउनलोड भी किया जा सकता है और प्रिंट आउट निकाला जा सकता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कुछ बुनियादी दस्तावेज चाहिए होंगे। इनमें मृतक का आधार कार्ड, परिवार के सदस्य का पहचान पत्र, मृत्यु स्थल का प्रमाण, और अस्पताल से मिला मृत्यु प्रमाण पत्र अगर अस्पताल में मृत्यु हुई हो तो। अगर घर पर मृत्यु हुई है तो पंचायत सचिव या ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र काम आएगा।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब लोगों को शहरों के दफ्तरों में नहीं भटकना पड़ेगा। गांव में ही पंचायत कार्यालय में यह काम हो जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को विशेष रूप से राहत मिलेगी। बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांगजनों को अब लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन के तहत उठाया गया है। सरकार चाहती है कि सभी सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हों। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार कम होगा। हर प्रमाण पत्र का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा जिससे भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी की जांच आसानी से हो सकेगी।
पहले मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना एक बड़ा काम था। लोगों को तहसील या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। वहां कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कभी-कभी तो महीनों लग जाते थे। कई लोग तो इस झंझट से बचने के लिए प्रमाण पत्र ही नहीं बनवाते थे। इससे बाद में कई कानूनी और प्रशासनिक समस्याएं होती थीं।
अब पूरी प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। पंचायत स्तर पर ही अधिकृत कर्मचारी को यह अधिकार दिया गया है कि वह तुरंत प्रमाण पत्र जारी कर सके। ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन और जारी दोनों होगा। इससे काम तेज होगा और लोगों को तुरंत राहत मिलेगी।
बिहार राज्य में रहने वाला कोई भी व्यक्ति इस सुविधा का लाभ उठा सकता है। चाहे वह शहर में रहता हो या गांव में। पंचायत स्तर की व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों के लोगों को ज्यादा फायदा होगा। खासकर उन लोगों को जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं और शहर जाने में उन्हें दिक्कत होती है।
आवेदन करना बहुत आसान है। आप दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। पहला तरीका है कि सीधे अपनी पंचायत कार्यालय जाएं और वहां के कर्मचारी से बात करें। वह आपका आवेदन ऑनलाइन दर्ज कर देगा। दूसरा तरीका है कि आप खुद सरकारी पोर्टल पर जाकर आवेदन करें। इसके लिए आपको बेसिक जानकारी भरनी होगी और दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
सरकार ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाया है। इस पर जाकर आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जानकारी उपलब्ध है। आप आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। एक बार प्रमाण पत्र जारी होने के बाद आप उसे डाउनलोड कर सकते हैं।
सरकार जल्द ही एक मोबाइल एप भी लॉन्च करने वाली है। इससे आप घर बैठे ही अपने स्मार्टफोन से आवेदन कर पाएंगे। यह एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इससे युवा पीढ़ी को खासतौर पर मदद मिलेगी।
बिहार सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम जनता की सुविधा के लिए उठाया गया है। हम चाहते हैं कि कोई भी नागरिक सरकारी सेवाओं के लिए परेशान न हो। पंचायत स्तर पर यह व्यवस्था शुरू करने से ग्रामीण इलाकों के लोगों को बहुत राहत मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को समय पर और पारदर्शी तरीके से सेवाएं मिलें।
इस नई व्यवस्था से लोग काफी खुश हैं। एक ग्रामीण ने बताया कि पहले उन्हें अपने पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कई बार शहर जाना पड़ा था। अब उन्हें पता है कि अगर कभी जरूरत पड़ी तो गांव में ही काम हो जाएगा। एक महिला ने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है। अब हमें दूर-दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सरकार की योजना है कि आने वाले समय में और भी सेवाएं पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं। जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी पंचायतों से ही बन सकेंगे। इससे पूरा प्रशासनिक तंत्र गांवों तक पहुंच जाएगा।
बिहार सरकार का यह कदम निश्चित तौर पर सराहनीय है। 24 घंटे में मृत्यु प्रमाण पत्र और पंचायत स्तर पर यह व्यवस्था लोगों की जिंदगी आसान बनाएगी। डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करके सरकार ने पारदर्शिता और तेज सेवा का जो मॉडल पेश किया है, वह दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है। अब देखना यह है कि इस योजना को जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।
अगर आप बिहार में रहते हैं और आपको मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत है तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। बस अपनी नजदीकी पंचायत कार्यालय जाएं या ऑनलाइन आवेदन करें। 24 घंटे के अंदर आपका काम हो जाएगा। यह है नई बिहार सरकार की डिजिटल और जन-केंद्रित प्रशासन की पहचान।












